Tuesday, August 25, 2009

आपकी जगह

हमारी जिन्दगी में आपकी वो जगह है,
इस जमीन पर जैसे ये आसमां है

हम कहीं भी जायें, हम कहीं भी हों
आप यहां हैं, आप वहां हैं

कितनी मोहब्बत है आपसे हमें नही मालूम
पर हमारे जीने की आप ही वजह हैं

कोई वादा नहीं है,कोइ शर्त नही है
ये हमारे प्यार करने की अदा है

हमारी जिन्दगी में आपकी वो जगह है,
इस जमीन पर जैसे ये आसमां है

8 comments:

  1. सच कहूँ तो जिस मासूमियत से बात कही गयी है उसकी तारीफ के लिए मेरे पास शब्द नहीं हैं

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  2. अच्छी कोशिश. जारी रहें.
    --

    उल्टा तीर पर पूरे अगस्त भर आज़ादी का जश्न "एक चिट्ठी देश के नाम लिखकर" मनाइए- बस इस अगस्त तक. आपकी चिट्ठी २९ अगस्त ०९ तक हमें आपकी तस्वीर व संक्षिप्त परिचय के साथ भेज दीजिये. [उल्टा तीर] please visit: ultateer.blogspot.com/

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  3. Mai sahmat hun Bipin ji ke saath !

    Anek shubhkamnayen!

    http://shamasansmaran.blogspot.com

    http://kavitasbyshama.blogspot.com

    http://shama-kahanee.blogspot.com

    http://aajtakyahantak-thelightbyalonelypath.com

    http://shama-baagwaanee.blogspot.com

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  4. sundar rachna..badhai sweekaren..

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  5. बहुत बढिया.

    चिट्ठाजगत में आपका स्वागत है.......भविष्य के लिये ढेर सारी शुभकामनायें.

    गुलमोहर का फूल

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